प्रेग्नेंसी (pregnancy)के दौरान शरीर में हार्मोन में बहुत ज्यादा उतार-चढ़ाव होता है | आज हम आपको प्रेग्‍नेंसी के दौरान महिलाओं में आने वाली problems  और इन्‍हें दूर करने के उपाय बता रहे है|



major problems for women during pregnancy
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major problems for women during pregnancy


शादी के बाद मां बनना हर महिलाओं का पहला सपना होता है लेकिन प्रेग्नेंसी के दौरान खानपान से लेकर हर छोटी चीजों पर ध्यान रखना काफी जरूरी होता है। क्योंकि इन दिनों शरीर में तेजी से हॉर्मोन्स परिवर्तन होते है।

जिससे महिलाओं में चिड़चापन, भूख ना लगना उल्टी का होना, मूड़ स्विंग, बाल झड़ना, जैसी कई परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इतना ही नही इस दौरान डायबिटीज, यूटीआई जैसी समस्याओं के होने की संभावना भी बढ़ जाती हैं। ऐसे में हर महिलाओं को इससे बचाव के उपाय पता होने चाहिए। चलिए आज हम आपको प्रेगनेंसी में होने वाली 5 कॉमन प्रॉब्लम्स और उससे बचाव करने के टिप्स बताते हैं|

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कब्‍ज और बवासीर

गर्भावस्‍था में अगर आप अचानक हुई कब्‍ज से परेशान हैं तो घबराने की बात नहीं है। प्रेग्‍नेंसी में कब्‍ज की समस्‍या लगभग सभी महिलाओं को हो जाती है। आमतौर पर यह पहली तिमाही में ही शुरू हो जाती है। अगर ध्‍यान न दिया जाए तो इससे पाइल्‍स या बवासीर की बीमारी भी हो सकती है। इसे न संभाला जाए तो खूनी बवासीर हो जाती है जो प्रेग्‍नेंसी में एनीमिया या खून की कमी की वजह बनती है।

प्रेग्‍नेंसी हॉर्मोन प्रोजेस्‍टेरॉन पाचन तंत्र को गड़बड़ा देता है जिसका परिणाम कब्‍ज के रूप में सामने आता है। प्रेग्‍नेंसी के दौरान जी मिचलाने की वजह से अक्‍सर महिलाएं खाने से परहेज करने लगती हैं यह भी कब्‍ज को जन्‍म देता है। प्रेग्‍नेंसी के समय दी जाने वाली आयरन की गोलियां खून की कमी से तो बचाती हैं लेकिन इनका एक साइड इफेक्‍ट कब्‍ज के रूप में सामने आता है।

डायबिटीज

प्रेगनेंसी के दौरान महिलाओं में खराब खानपान होने से जेस्टेशनल डायबिटीज का खतरा बढ़ जाता है, जिसका असर बच्चे पर पड़ता है जिससे बच्चे में कुछ जन्मजात बीमारियां के होन की आशंका बढ़ जाती है। ऐसे में महीलाओं को चाहिए कि वह आसे समय में आलू, चावल, जंक फूड, मीठी चीजों का सेवन ना करें। और हर 3 महीने में OGTT (ओरल ग्लूकोस टोलरेंस टेस्ट) करवाएं।

हाई ब्‍लड प्रेशर और हाइपरटेंशन


प्रेग्‍नेंसी के दौरान हाई ब्‍लड प्रेशर की समस्‍या होना आम बात है। खासकर 20वें हफ्ते की गर्भावस्‍था के बाद ऐसा होता है। असल में प्रेग्‍नेंसी में धीरे-धीरे महिला का वजन बढ़ता है और खून की मात्रा भी सामान्‍य से दोगुनी हो जाती है।


इसलिए इससे घबराना नहीं । लेकिन इस पर नियंत्रण पाना भी उतना ही जरूरी है क्‍योंकि HIGH BP होने से डिलिवरी में समस्‍या आ सकती है साथ ही मां और होने वाले शिशु के स्‍वास्‍थ्‍य पर भी बुरा असर पड़ सकता है। आइए जानें कि किस तरह से घरेलू उपाय करके प्रेग्‍नेंसी में हाई बीपी की समस्‍या से निबटा जा सकता है।

यूरिन मार्ग में इन्फेक्शन

 अगर आप प्रेग्नेंसी के दौरान मूत्रमार्ग में संक्रमण को इग्नोर करती हैं तो भी यह पेट दर्द, पेशाब में जलन, उल्टी आदि समस्याओं को जन्म देता है। अगर समय पर ध्यान न दिया गया तो यह बाद में किडनी इंफेक्शन का भी कारण बन सकता है।

मोटापा और वजन बढ़ना (Obesity and Weight Gain)

गर्भवती होने से पहले एक महिला का वजन जितना ज्यादा होता है, गर्भावस्था का उतना ही अधिक जोखिम होता है, जिसमें प्रीक्लेम्पसिया, जीडीएम, स्टिलबर्थ और सिजेरियन डिलीवरी शामिल हैं। साथ ही, सीडीसी शोध से पता चला है कि गर्भावस्था के दौरान मोटापा कई सारी परेशानियों को और बढ़ा देता है। इसके अलावा वजन का कम होना भी प्रेग्नेंसी की परेशानियों को और बढ़ा सकता है।